DRS कैसे काम करती है — चरण दर चरण
मैदानी अंपायर का फैसला आते ही कप्तान के पास तय समय में रिव्यू माँगने का विकल्प होता है। रिव्यू माँगने पर थर्ड अंपायर Hawk-Eye बॉल-ट्रैकिंग, UltraEdge स्निकोमीटर और हॉट-स्पॉट इन्फ्रारेड तकनीक का उपयोग करता है। अगर मूल फैसला गलत निकले तो रिव्यू बचा रहता है; सही निकले तो वह रिव्यू खो जाता है। टेस्ट में प्रति पारी दो रिव्यू और एकदिवसीय व
T20 में प्रति पारी एक रिव्यू मिलता है। हैदराबाद में क्रिकेट प्रशंसक इस प्रणाली को सबसे ज़्यादा तब देखते हैं जब LBW या किनारे से लगा कैच विवादास्पद हो।